कोर्ट मैरिज कैसे करें 2026: Special Marriage Act के नियम, जरूरी दस्तावेज और पूरी कानूनी प्रक्रिया
जानें Special Marriage Act, 1954 के तहत आयु सीमा, आवश्यक दस्तावेज, नोटिस अवधि और जिला कलेक्टेयट/SDM कार्यालय की पूरी कानूनी प्रक्रिया।
कोर्ट मैरिज कैसे करें 2026: Special Marriage Act के नियम, जरूरी दस्तावेज और पूरी कानूनी प्रक्रिया Marriage Rights: भारत में जब दो अलग-अलग धर्मों या जातियों के लोग बिना किसी धार्मिक रीति-रिवाज के कानूनी रूप से शादी करना चाहते हैं, तो 'कोर्ट मैरिज' सबसे सुरक्षित और सर्वोत्तम माध्यम है। भारत का कानून हर बालिग नागरिक को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार देता है। यह ब्लॉग आपको स्पेशल मैरिज एक्ट (Special Marriage Act) के तहत कोर्ट मैरिज की शर्तों, जरूरी कागजातों और आवेदन से लेकर मैरिज सर्टिफिकेट मिलने तक की पूरी कानूनी प्रक्रिया को बेहद आसान भाषा में समझाएगा। कोर्ट मैरिज (Court Marriage) क्या है और यह किस कानून के तहत होती है? भारत में शादियां आमतौर पर धार्मिक रीति-रिवाजों जैसे हिंदू विवाह अधिनियम या मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत होती हैं। लेकिन जब विवाह बिना किसी धार्मिक तामझाम के, सीधे कानून के समक्ष अधिकारी की उपस्थिति में दर्ज किया जाता है, तो उसे कोर्ट मैरिज कहते हैं। भारत में कोर्ट मैरिज मुख्य रूप से स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 (Special Marriage Act, 1954) के तहत की जाती है। यह एक धर्मनिरपेक्ष (Secular) कानून है, जिसका मतलब है कि देश का कोई भी नागरिक चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या…
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नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, देवभूमि हिमाचल प्रदेश (शिमला) का निवासी। आर्ट्स में मेरी ग्रेजुएशन (BA) और समाज को गहराई से देखने के मेरे नज़रिये ने मुझे एक आम नागरिक (Common Citizen) के अधिकारों और ज़रूरतों को समझने की प्रेरणा दी। इसी सोच के साथ …