बैरिस्टर और एडवोकेट (वकील) में क्या अंतर है? जानें आसान कानूनी भाषा में

क्या आप जानते हैं बैरिस्टर और वकील में क्या अंतर है? बार काउंसिल के नियम, शिक्षा, और कोर्ट में उनके अधिकारों के बारे में आसान हिंदी में पूरी जानकारी
बैरिस्टर और एडवोकेट (वकील) में क्या अंतर है? जानें आसान कानूनी भाषा में
Indian Law / Legal Awareness: अक्सर लोग वकील और बैरिस्टर को एक ही समझते हैं, लेकिन कानूनी दृष्टि से इनमें बड़ा अंतर है। एक आम नागरिक के तौर पर आपको यह पता होना चाहिए कि आपके केस के लिए कौन सा कानूनी विशेषज्ञ सही है। यह लेख आपके कानूनी ज्ञान को बढ़ाएगा और आपके अधिकारों की रक्षा करेगा। कानून की दुनिया में वकील और बैरिस्टर क्या हैं? भारत में जब भी कोई कानूनी विवाद होता है, तो सबसे पहले हमारे दिमाग में 'वकील' शब्द आता है। लेकिन जब हम पुरानी फिल्में देखते हैं या इतिहास पढ़ते हैं, तो हमें 'बैरिस्टर' शब्द सुनने को मिलता है। आम बोलचाल में हम इन दोनों शब्दों का इस्तेमाल एक ही व्यक्ति के लिए कर देते हैं। लेकिन भारतीय कानून व्यवस्था और एडवोकेट एक्ट 1961 के अनुसार, इन दोनों की शिक्षा, अधिकार और कोर्ट में काम करने के तरीके में बहुत बड़ा अंतर है। एक वकील वह होता है जो भारत में कानून की पढ़ाई करता है। वहीं, एक बैरिस्टर वह होता है जिसने इंग्लैंड से कानून की विशेष डिग्री हासिल की हो। अदालत में किसी व्यक्ति का पक्ष रखने, जमानत करवाने, या कानूनी नोटिस भेजने के लिए कानूनी ज्ञान होना जरूरी है। …

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नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, देवभूमि हिमाचल प्रदेश (शिमला) का निवासी। आर्ट्स में मेरी ग्रेजुएशन (BA) और समाज को गहराई से देखने के मेरे नज़रिये ने मुझे एक आम नागरिक (Common Citizen) के अधिकारों और ज़रूरतों को समझने की प्रेरणा दी। इसी सोच के साथ …

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