भरण-पोषण का कानून क्या है? जानिए CrPC की धारा 125 और BNSS की धारा 144 के तहत अपने अधिकार
जानिए भारत में मेंटेनेंस कानून कब लागू हुआ, इसके तहत किसे आर्थिक सुरक्षा मिलती है, और नए कानून BNSS में क्या बदलाव हुए हैं।
भरण-पोषण का कानून क्या है? जानिए CrPC की धारा 125 और BNSS की धारा 144 के तहत अपने अधिकार Indian Law / Family Rights: भारत में परिवार के कमजोर और आश्रित सदस्यों की देखभाल करना न सिर्फ एक सामाजिक जिम्मेदारी है, बल्कि एक कानूनी कर्तव्य भी है। कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जब पत्नी, बच्चों या बुजुर्ग माता-पिता को जीवन जीने के लिए आर्थिक मदद की जरूरत होती है। इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे कि भरण-पोषण का कानून (Maintenance Law) क्या है, इसके अधिकार किसे मिलते हैं और कानूनी प्रक्रिया क्या है। maintenance-law-india भरण-पोषण का कानून क्या है और यह कब लागू हुआ? सरल शब्दों में कहें तो भरण-पोषण का कानून आश्रित और कमजोर पारिवारिक सदस्यों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। यह कानून सुनिश्चित करता है कि कोई भी सक्षम व्यक्ति अपने उन करीबियों को बेसहारा न छोड़े जो अपना पेट पालने में असमर्थ हैं। यह कानून भारत में पहली बार 1 अप्रैल 1974 को प्रभावी हुआ था। शुरुआत में इस कानून का मुख्य प्रावधान दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC), 1973 की धारा 125 में दिया गया था। हालांकि, भारतीय कानूनी प्रणाली में हुए नए बदलावों के बाद अब इसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 144 के त…
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नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, देवभूमि हिमाचल प्रदेश (शिमला) का निवासी। आर्ट्स में मेरी ग्रेजुएशन (BA) और समाज को गहराई से देखने के मेरे नज़रिये ने मुझे एक आम नागरिक (Common Citizen) के अधिकारों और ज़रूरतों को समझने की प्रेरणा दी। इसी सोच के साथ …