स्त्रीधन और दहेज में क्या अंतर है? 90% लोग नहीं जानते असली फर्क और कानूनी अधिकार
स्त्रीधन और दहेज के बीच का कानूनी अंतर समझें। जानें कि कैसे स्त्रीधन पर सिर्फ महिला का हक है और दहेज लेना-देना भारत में एक गंभीर अपराध है।
स्त्रीधन और दहेज में क्या अंतर है? 90% लोग नहीं जानते असली फर्क और कानूनी अधिकार Indian Law / Family Law: शादी के समय दिए जाने वाले हर सामान को दहेज नहीं कहा जा सकता। हमारे समाज में स्त्रीधन और दहेज को लेकर बहुत बड़ा भ्रम है। यह लेख आपको इन दोनों के बीच का असली कानूनी फर्क बताएगा। एक जागरूक नागरिक के रूप में आपको अपने कानूनी अधिकारों, एफआईआर की प्रक्रिया और सजा के प्रावधानों की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि आप किसी भी अन्याय का सामना कर सकें। स्त्रीधन क्या है और इस पर किसका अधिकार होता है? स्त्रीधन दो शब्दों से मिलकर बना है— 'स्त्री' और 'धन'। इसका सीधा मतलब है महिला की संपत्ति। यह वह संपत्ति है जो महिला को स्वेच्छा से यानी बिना किसी मांग के दी जाती है। यह संपत्ति महिला को शादी से पहले, शादी के समय या शादी के बाद भी मिल सकती है। आसान शब्दों में कहें तो खुशी से दिया गया उपहार ही स्त्रीधन कहलाता है। भारतीय कानून के तहत, विशेष रूप से हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 14 के अनुसार, स्त्रीधन पर केवल और केवल महिला का पूर्ण अधिकार होता है। महिला का पति, उसकी सास, ससुर या कोई अन्य व्यक्ति इस संपत्ति पर अपना अधिकार नहीं जता सकता है। महिला अपनी मर्जी …
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नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, देवभूमि हिमाचल प्रदेश (शिमला) का निवासी। आर्ट्स में मेरी ग्रेजुएशन (BA) और समाज को गहराई से देखने के मेरे नज़रिये ने मुझे एक आम नागरिक (Common Citizen) के अधिकारों और ज़रूरतों को समझने की प्रेरणा दी। इसी सोच के साथ …