क्रॉस एग्जामिनेशन क्या होता है? कोर्ट में गवाहों से सच उगलवाने का सबसे बड़ा कानूनी तरीका, जानें नियम और प्रक्रिया
जानिए BSA के तहत क्रॉस एग्जामिनेशन (प्रतिपरीक्षण) के नियम, इसके मुख्य उद्देश्य और गवाहों को अदालत में परखने की पूरी कानूनी प्रक्रिया।
क्रॉस एग्जामिनेशन क्या होता है? कोर्ट में गवाहों से सच उगलवाने का सबसे बड़ा कानूनी तरीका, जानें नियम और प्रक्रिया Court Procedure: जब कोई मुकदमा कोर्ट में जाता है, तो जीत और हार इस बात पर निर्भर करती है कि गवाहों के बयानों में कितना दम है। फिल्मों में आपने वकीलों को गवाहों से तीखे सवाल पूछते हुए देखा होगा, उसे ही कानूनी भाषा में 'क्रॉस एग्जामिनेशन' (Cross Examination) यानी जिरह कहते हैं। 1 जुलाई 2024 से लागू नए साक्ष्य कानून 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम' (BSA) के तहत अदालती गवाही की इस प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बनाया गया है। यह ब्लॉग आपको समझाएगा कि कोर्ट में जिरह कैसे होती है और यह किसी भी केस का रुख कैसे बदल सकती है। क्रॉस एग्जामिनेशन (Cross Examination) क्या है? (सरल परिभाषा) अदालत की कार्यवाही में जब भी कोई मुकदमा चलता है, तो दोनों पक्षों (वादी और प्रतिवादी या अभियोजन और आरोपी) को अपने दावों को साबित करने के लिए गवाह पेश करने होते हैं। कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, गवाही मुख्य रूप से तीन चरणों से गुजरती है। जब कोई पक्ष अपने ही गवाह का बयान कोर्ट के सामने दर्ज कराता है, तो उसे मुख्य परीक्षा (Examination-in-Chief) कहा जाता है। इसके तुरंत बाद असली खेल शुरू होता है। क्रॉस एग्जामिनेशन का ह…
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नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, देवभूमि हिमाचल प्रदेश (शिमला) का निवासी। आर्ट्स में मेरी ग्रेजुएशन (BA) और समाज को गहराई से देखने के मेरे नज़रिये ने मुझे एक आम नागरिक (Common Citizen) के अधिकारों और ज़रूरतों को समझने की प्रेरणा दी। इसी सोच के साथ …