तलाक की कानूनी प्रक्रिया क्या है? कोर्ट के नए नियम और केस दाखिल करने के 5 चरण
यदि आप शादीशुदा जिंदगी से परेशान है, तो जानें भारत में तलाक (Divorce) की पूरी कानूनी प्रक्रिया, जरूरी नियम और अपने अधिकार।
तलाक की कानूनी प्रक्रिया क्या है? कोर्ट के नए नियम और केस दाखिल करने के 5 चरण Family Law: जब पति-पत्नी आपसी मतभेदों के कारण एक साथ नहीं रहना चाहते, तो वे कानून के अनुसार परिवार न्यायालय (Family Court) में तलाक की याचिका दाखिल कर सकते हैं। तलाक मुख्य रूप से दो प्रकार से होता है—आपसी सहमति (Mutual Consent) और एक पक्ष द्वारा तलाक (Contested Divorce)। यह लेख आपको याचिका दाखिल करने से लेकर कोर्ट के अंतिम निर्णय तक की पूरी कानूनी यात्रा को बेहद आसान शब्दों में समझाएगा। भारत में तलाक कितने प्रकार का होता है और इसके मुख्य आधार क्या हैं? भारतीय कानून के तहत तलाक लेने के दो मुख्य रास्ते होते हैं। पहला रास्ता आपसी सहमति से तलाक (Mutual Consent Divorce) का है। इस प्रक्रिया में पति-पत्नी दोनों की आपसी सहमति अनिवार्य होती है। दोनों मिलकर परिवार न्यायालय में एक संयुक्त याचिका दाखिल करते हैं। इस दौरान बच्चों की कस्टडी (Child Custody), भरण-पोषण (Maintenance) और संपत्ति के बंटवारे जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर दोनों पक्षों में पहले से ही पूर्ण सहमति होनी चाहिए। तलाक का दूसरा रास्ता एक पक्ष द्वारा तलाक (Contested Divorce) कहलाता है। यह स्थिति तब बनती है जब एक पक्ष तलाक नहीं चाहता, तो दू…
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नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, देवभूमि हिमाचल प्रदेश (शिमला) का निवासी। आर्ट्स में मेरी ग्रेजुएशन (BA) और समाज को गहराई से देखने के मेरे नज़रिये ने मुझे एक आम नागरिक (Common Citizen) के अधिकारों और ज़रूरतों को समझने की प्रेरणा दी। इसी सोच के साथ …