घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न (498A) के खिलाफ कानून: नए नियमों (BNS) में महिलाएं कैसे पाएं न्याय
जानिए ससुराल में क्रूरता, मारपीट या दहेज उत्पीड़न होने पर कानूनी अधिकार, नए कानून (BNS) के कड़े नियम और शिकायत दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया।
घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न (498A) के खिलाफ कानून: नए नियमों (BNS) में महिलाएं कैसे पाएं न्याय Women Rights: शादी के बाद हर महिला एक नए जीवन और खुशियों के सपने लेकर ससुराल जाती है। लेकिन जब वही ससुराल खुशियों के बजाय प्रताड़ना, मारपीट और दहेज की मांग का नरक बन जाए, तो महिला पूरी तरह टूट जाती है। कई बार लोक-लाज या सही कानूनी जानकारी न होने के कारण महिलाएं सालों तक यह जुल्म सहती रहती हैं। इस लेख में हम आपको भारतीय कानून के नए प्रावधानों के तहत बताएंगे कि यदि किसी महिला के साथ ससुराल में क्रूरता या दहेज उत्पीड़न होता है, तो उनके पास क्या-क्या अधिकार हैं और वे कैसे सुरक्षित रहकर कानूनी लड़ाई जीत सकती हैं। ससुराल में क्रूरता और दहेज उत्पीड़न क्या है? (What is Cruelty & Dowry Harassment) कानूनी दृष्टिकोण से क्रूरता (Cruelty) केवल शारीरिक मारपीट तक सीमित नहीं है। महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, ताने मारना, मायके वालों को अपशब्द कहना, या उसे भोजन-कपड़े जैसी बुनियादी जरूरतों से वंचित रखना भी क्रूरता के दायरे में आता है। जब इस क्रूरता के पीछे मुख्य कारण मायके से कीमती सामान, नकदी या गाड़ी (दहेज) मंगवाने का दबाव होता है, तो यह कानूनन एक गंभीर और अक्षम्य अपराध बन जाता है। 1 जुलाई 2…
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नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, देवभूमि हिमाचल प्रदेश (शिमला) का निवासी। आर्ट्स में मेरी ग्रेजुएशन (BA) और समाज को गहराई से देखने के मेरे नज़रिये ने मुझे एक आम नागरिक (Common Citizen) के अधिकारों और ज़रूरतों को समझने की प्रेरणा दी। इसी सोच के साथ …