झूठी FIR से हैं परेशान? हाई कोर्ट में FIR रद कराने (Quashing) के 6 सबसे बड़े आधार और नियम
अगर आपके खिलाफ कोई झूठी या दुर्भावनापूर्ण प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दे, तो नए कानून (BNSS) के तहत हाई कोर्ट से उसे रद कराने के नियम, आधार और पूरी...
झूठी FIR से हैं परेशान? हाई कोर्ट में FIR रद कराने (Quashing) के 6 सबसे बड़े आधार और नियम Police & Criminal Law: किसी पुरानी दुश्मनी, आपसी रंजिश या केवल परेशान करने के उद्देश्य से किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ झूठी एफआईआर (FIR) दर्ज करा देना आज के समय में एक आम बात हो गई है। जब किसी व्यक्ति को पता चलता है कि उसके खिलाफ पुलिस केस हो गया है, तो उसका पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव में आ जाता है। लेकिन भारत का कानून निर्दोषों को पूरी सुरक्षा देता है। यदि आपके खिलाफ भी कोई झूठी शिकायत हुई है, तो आपके पास सीधे उच्च न्यायालय (High Court) जाकर उस पूरी प्राथमिकी को निरस्त यानी रद (Quash) कराने का पूरा कानूनी अधिकार है। इस लेख में हम नए कानूनों के अनुसार एफआईआर रद कराने की पूरी प्रक्रिया और इसके मुख्य आधारों को विस्तार से समझेंगे। FIR रद कराने की याचिका (Quashing Petition) क्या होती है? जब किसी व्यक्ति के खिलाफ कानून के विरुद्ध, दुर्भावनापूर्ण (Malicious) या बिना किसी ठोस आधार के एफआईआर दर्ज की जाती है, तो पीड़ित व्यक्ति अपनी बेगुनाही साबित करने और कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए हाई कोर्ट में जो गुहार लगाता है, उसे एफआईआर रद कराने की याचिका (Quashing Petition) कहते हैं…
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नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, देवभूमि हिमाचल प्रदेश (शिमला) का निवासी। आर्ट्स में मेरी ग्रेजुएशन (BA) और समाज को गहराई से देखने के मेरे नज़रिये ने मुझे एक आम नागरिक (Common Citizen) के अधिकारों और ज़रूरतों को समझने की प्रेरणा दी। इसी सोच के साथ …