लिव-इन रिलेशनशिप के 5 कड़वे कानूनी नियम: बिना शादी साथ रहने से पहले जरूर जानें अपने अधिकार

बिना शादी किए लिव-इन रिलेशनशिप में रहना। जानें सुप्रीम कोर्ट के नए नियम, महिलाओं के अधिकार, बच्चों की वैधता और कानूनी पेचीदगियां।
लिव-इन रिलेशनशिप के 5 कड़वे कानूनी नियम: बिना शादी साथ रहने से पहले जरूर जानें अपने अधिकार
Basic Legal Awareness: भारत में बदलते सामाजिक परिवेश के साथ लिव-इन रिलेशनशिप का चलन तेजी से बढ़ा है। वयस्क पुरुष और महिला का बिना शादी किए पति-पत्नी की तरह साथ रहना लिव-इन रिलेशनशिप कहलाता है। यह लेख आपको सुप्रीम कोर्ट के लैंडमार्क फैसलों, घरेलू हिंसा से संरक्षण, मेंटेनेंस के नियमों और लिव-इन से पैदा हुए बच्चों के अधिकारों के बारे में पूरी गहराई से जानकारी देगा ताकि आप किसी भी कानूनी मुसीबत से बच सकें। लिव-इन रिलेशनशिप क्या है और भारतीय कानून इस पर क्या कहता है? लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें एक वयस्क पुरुष और एक वयस्क महिला बिना शादी किए, अपनी मर्जी से पति-पत्नी की तरह एक साथ रहते हैं और अपना जीवन साझा करते हैं। इसमें शादी करना आवश्यक नहीं होता है और दोनों अपनी स्वतंत्र इच्छा से साथ रहते हैं। भारत में लिव-इन रिलेशनशिप अपने आप में अवैध नहीं है, यानी सहमति से साथ रहने वाले बालिग जोड़ों को कानूनन अपराधी नहीं माना जा सकता। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को जीवन जीने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Life and Personal Liberty) देता है। इस…

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नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, देवभूमि हिमाचल प्रदेश (शिमला) का निवासी। आर्ट्स में मेरी ग्रेजुएशन (BA) और समाज को गहराई से देखने के मेरे नज़रिये ने मुझे एक आम नागरिक (Common Citizen) के अधिकारों और ज़रूरतों को समझने की प्रेरणा दी। इसी सोच के साथ …

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