झूठी FIR दर्ज होने पर भूलकर भी न करें ये 8 गलतियां, वरना सीधे जाना पड़ेगा जेल
जानिए अगर आपके खिलाफ कोई पुलिस केस (FIR) दर्ज करा दे, तो खुद को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें और किन गलतियों से बचें।
झूठी FIR दर्ज होने पर भूलकर भी न करें ये 8 गलतियां, वरना सीधे जाना पड़ेगा जेल Police & Criminal Law: किसी व्यक्ति के खिलाफ पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी यानी एफआईआर (FIR) दर्ज हो जाना इस बात का सबूत नहीं है कि उसने अपराध किया है। कानून की नजर में जब तक दोष सिद्ध न हो, हर व्यक्ति निर्दोष है। लेकिन अक्सर लोग एफआईआर का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं और जल्दबाजी में कुछ ऐसी गंभीर गलतियां कर बैठते हैं जिससे उनका अच्छा-खासा केस भी पूरी तरह खराब हो जाता है। इस लेख में हम आपको भारतीय न्याय प्रणाली के नए नियमों के तहत बताएंगे कि एफआईआर होने पर आपको कौन से कदम बिल्कुल नहीं उठाने चाहिए। एफआईआर (FIR) क्या है और लोगों में इसका डर क्यों है? एफआईआर का मतलब प्रथम सूचना रिपोर्ट (First Information Report) होता है, जो किसी संज्ञेय (गंभीर) अपराध के होने पर पुलिस द्वारा दर्ज की जाती है। भारत में 1 जुलाई 2024 से लागू हुए नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 173 के तहत एफआईआर दर्ज करने और इसकी जांच करने की प्रक्रिया तय की गई है। एफआईआर दर्ज होने का सीधा मतलब यह होता है कि पुलिस अब उस मामले की आधिकारिक जांच (Investigation) शुरू करेगी। आम जनता में एफआईआर को लेकर एक बहुत…
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नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, देवभूमि हिमाचल प्रदेश (शिमला) का निवासी। आर्ट्स में मेरी ग्रेजुएशन (BA) और समाज को गहराई से देखने के मेरे नज़रिये ने मुझे एक आम नागरिक (Common Citizen) के अधिकारों और ज़रूरतों को समझने की प्रेरणा दी। इसी सोच के साथ …