33 साल बाद मिला इंसाफ: इंदौरा-पठानकोट मार्ग पर मालिक ने की तारबंदी, दर्जनों गांवों का रास्ता ठप्प
हिमाचल के इंदौरा में 33 साल की कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट के आदेश पर एक मालिक को अपनी जमीन का कब्जा वापस मिला। मुआवजा न मिलने पर रास्ता बंद...
33 साल बाद मिला इंसाफ: इंदौरा-पठानकोट मार्ग पर मालिक ने की तारबंदी, दर्जनों गांवों का रास्ता ठप्प Himachal Pradesh/Kangra: जब सरकारी तंत्र आम नागरिक के अधिकारों की अनदेखी करता है, तो न्याय मिलने में भले ही वक्त लगे, लेकिन जीत हमेशा सच्चाई की होती है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला कांगड़ा जिले के इंदौरा से सामने आया है। यहां एक जमीन के मालिक ने अदालती आदेश के बाद इंदौरा-पठानकोट (वाया डाहकुलाड़ा-मोहटली) मुख्य मार्ग पर तारबंदी करके रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है। इस ब्लॉग पोस्ट में हम जानेंगे कि आखिर क्यों एक आम नागरिक को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा और इससे जनता व स्थानीय उद्योगों पर क्या असर पड़ रहा है। रास्ते पर तारबंदी और मिट्टी के ढेर, यातायात पूरी तरह ठप्प इंदौरा-पठानकोट वाया डाहकुलाड़ा-मोहटली मार्ग अब आम जनता के लिए बंद हो चुका है। जमीन के असली मालिक ने मुख्य मार्ग पर कटीले तारों की बाड़ (तारबंदी) लगा दी है। इसके साथ ही सड़क के बीचों-बीच मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर लगाकर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है। इस रास्ते के बंद होने से भपू से लेकर मोहटली तक के दर्जनों गांवों के हजारों लोगों की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं। इस रास्ते से लोग बेहद कम समय में पठानकोट पहुंचते थे। इतना ह…
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नमस्कार दोस्तों! मैं देश राज हूँ, और देवभूमि हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का रहने वाला हूँ। मेरी प्रारंभिक शिक्षा और आर्ट्स में ग्रेजुएशन (BA) ने मुझे समाज को गहराई से देखने और एक आम नागरिक (Common Citizen) की ज़रूरतों को करीब से समझने का एक नया न…