Cyber Crime/India: क्या आप भी किसी डेटिंग ऐप पर अपना पार्टनर तलाश रहे हैं? अगर हां, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। आजकल डेटिंग ऐप्स पर एक बहुत बड़ा फ्रॉड चल रहा है। इसमें लड़कियां लड़कों को किसी खास कैफे में बुलाती हैं और फिर हजारों रुपये का बिल फाड़ दिया जाता है। इस पोस्ट में हम आपको इस स्कैम की पूरी सच्चाई और इससे बचने के तरीके बताएंगे।
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डेटिंग ऐप्स पर कैसे होता है यह खतरनाक कैफे स्कैम?
मैचमेकर स्नेहा ने हाल ही में डेटिंग ऐप्स पर चल रहे एक बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। उन्होंने बताया कि कई पुरुष पहली डेट के नाम पर बुरी तरह ठगे जा रहे हैं। उनसे 20 हजार से लेकर 60 हजार और कई बार लाखों रुपये तक लूट लिए जाते हैं। यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत होता है।
इस पूरे खेल में रेस्टोरेंट और लड़कियों की आपस में मिलीभगत होती है। लड़कियां लड़कों को फंसाकर उन क्लब या बार में लाती हैं। जब लड़का वहां पहुंचता है, तो लड़की बहुत महंगी शराब या खाना ऑर्डर करती है। इसके बाद अचानक कोई बहाना बनाकर वह निकल जाती है। फिर लड़के के सामने एक भारी-भरकम बिल रख दिया जाता है।
अगर कोई लड़का बिल देने से मना करता है, तो वहां मौजूद बाउंसर डराते-धमकाते हैं। इज्जत खराब होने के डर से लड़कों को मजबूरन वह बिल चुकाना पड़ता है। स्नेहा का कहना है कि यह फ्रॉड अब बहुत आम हो गया है। लड़के बिना कुछ सोचे-समझे इन लड़कियों की बातों में आ जाते हैं।
राहुल की कहानी: दिल्ली का एक असली मामला
इस बात को अच्छी तरह समझने के लिए दिल्ली के राहुल (बदला हुआ नाम) का उदाहरण लेते हैं। राहुल को एक डेटिंग ऐप पर एक बेहद खूबसूरत लड़की का प्रोफाइल दिखा। दोनों में मैच हुआ और कुछ ही मिनटों में बात शुरू हो गई। लड़की ने तुरंत मिलने की जिद की और दिल्ली के एक अनजान क्लब का पता भेज दिया।
जब राहुल वहां पहुंचा, तो लड़की ने कुछ स्नैक्स और हुक्का ऑर्डर किया। करीब आधे घंटे बाद लड़की ने कहा कि उसे घर से जरूरी फोन आ रहा है और वह बाहर चली गई। कुछ देर बाद वेटर ने राहुल को 45,000 रुपये का बिल थमा दिया। राहुल ने विरोध किया तो वहां खड़े बाउंसरों ने उसे घेर लिया। आखिर में राहुल को डर के मारे पेमेंट करनी पड़ी।
मैचमेकर स्नेहा की कड़वी सच्चाई: "ये पुरुष इसके लायक हैं"
स्नेहा ने इस मुद्दे पर बहुत बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे मामलों में जो पुरुष फंसते हैं, वे कहीं न कहीं इसके खुद जिम्मेदार होते हैं। उन्होंने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो ये पुरुष इसी लायक हैं।" ऐसा उन्होंने क्यों कहा? इसके पीछे लड़कों की जल्दबाजी और बिना सोचे-समझे कदम उठाना मुख्य कारण है।
दरअसल, जब ऐसे फ्रॉड होते हैं, तो लड़की मैच होने के कुछ घंटों या एक-दो दिन में ही मिलने का दबाव बनाती है। उनके बीच कोई आम बातचीत नहीं होती। लड़की शुरू से ही बहुत ज्यादा फ्लर्ट करती है। पुरुष यह देखकर पिघल जाते हैं। वे यह नहीं सोचते कि कोई अनजान लड़की इतनी जल्दी इतनी बेताब क्यों हो रही है।
एक असली और समझदार महिला कभी भी पहली डेट पर सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करती। वह इंटरनेट पर मिले किसी अनजान शख्स से मिलने के लिए हमेशा एक भीड़भाड़ वाली जगह चुनेगी। वह किसी सुनसान या अनजान पब में जाने का रिस्क नहीं लेगी। लेकिन लड़के लड़की की खूबसूरती देखकर अपना दिमाग लगाना बंद कर देते हैं।
इस कैफे और रेस्टोरेंट स्कैम की पहचान कैसे करें?
आप कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर इस फ्रॉड को आसानी से पहचान सकते हैं। जब भी कोई लड़की मैच होने के तुरंत बाद मिलने की बात करे, तो सतर्क हो जाएं। फ्रॉड करने वाली लड़कियां आपके बारे में जानने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाती हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य आपको उस तय किए गए रेस्टोरेंट तक पहुंचाना होता है।
अगर आप उनसे मिलने की जगह बदलने को कहेंगे, तो वे साफ मना कर देंगी। वे हमेशा एक खास कैफे या बार का ही नाम लेंगी। इसके अलावा, ऐसी प्रोफाइल पर तस्वीरें बहुत ज्यादा आकर्षक और प्रोफेशनल होती हैं। ये तस्वीरें इंटरनेट से चुराई गई होती हैं। उनका मकसद सिर्फ आपको अपने जाल में फंसाना होता है।
डेटिंग स्कैम से खुद को सुरक्षित रखने के तरीके
अगर आप किसी से मिलने जा रहे हैं, तो सबसे पहले फोन कॉल या वीडियो कॉल जरूर करें। जो लड़की आपसे फ्रॉड करने वाली होगी, वह कभी भी वीडियो कॉल पर नहीं आएगी। वह कोई न कोई बहाना बनाकर कॉल काट देगी। वीडियो कॉल से आप यह पक्का कर सकते हैं कि प्रोफाइल में दिखने वाली लड़की असली है या नहीं।
मिलने की जगह हमेशा खुद तय करें। किसी ऐसे कैफे, मॉल या पब्लिक पार्क को चुनें जिसे आप अच्छे से जानते हों। अगर लड़की आपके सुझाए गए किसी भी सुरक्षित जगह पर आने से मना करे, तो समझ जाइए कि दाल में कुछ काला है। ऐसे इंसान से तुरंत रिश्ता खत्म कर दें और उसे ऐप पर रिपोर्ट कर दें।
पहली डेट पर जाने के सुनहरे नियम
नीचे बताए गए नियमों का पालन करके आप खुद को किसी भी तरह की ठगी से बचा सकते हैं:
- मिलने से पहले हमेशा वीडियो कॉल करें और सामने वाले की पहचान पक्की करें।
- पहली मुलाकात हमेशा किसी नामी कैफे या पब्लिक प्लेस पर ही रखें।
- लड़की की सुझाई गई किसी अनजान जगह या पब में जाने से साफ इंकार कर दें।
- अगर कोई बार-बार मिलने की जिद करे तो उससे बातचीत बंद कर दें।
असली प्रोफाइल और स्कैमर के बीच का अंतर
| पहलू (Aspect) | असली प्रोफाइल (Real Profile) | स्कैमर प्रोफाइल (Scammer Profile) |
|---|---|---|
| बातचीत का तरीका | पहले आपको जानने की कोशिश करेगी, सामान्य बात करेगी। | सीधे फ्लर्ट करेगी और तुरंत मिलने का दबाव बनाएगी। |
| वीडियो कॉल | कंफर्टेबल होने पर वीडियो कॉल या वॉयस कॉल कर लेगी। | हमेशा बहाने बनाएगी और कैमरा ऑन करने से डरेगी। |
| मिलने की जगह | अपनी सुरक्षा के लिए भीड़भाड़ वाली जगह और मॉल पसंद करेगी। | सिर्फ एक खास, अनजान और महंगे क्लब में ही मिलने की जिद करेगी। |
| तस्वीरें (Photos) | आम जिंदगी की सामान्य और कैजुअल तस्वीरें होंगी। | मॉडल जैसी, जरूरत से ज्यादा आकर्षक और एडिटेड तस्वीरें होंगी। |
लड़कियों को क्या फायदा मिलता है?
अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि लड़कियां ऐसा क्यों करती हैं? असल में, इन लड़कियों को क्लब या रेस्टोरेंट की तरफ से भारी कमीशन मिलता है। वे जितने ज्यादा लड़कों को फंसाकर वहां लाती हैं और जितना ज्यादा बिल बनवाती हैं, उनका कमीशन उतना ही बढ़ता है। यह उनका एक तरह का धंधा बन चुका है।
रेस्टोरेंट के मालिक इन लड़कियों को एक टारगेट देते हैं। इसके बदले में उन्हें बिल का 20 से 30 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा हिस्सा मिल जाता है। कुछ पीआर एजेंसियां भी इस काम में शामिल होती हैं जो डेटिंग ऐप्स पर फेक अकाउंट चलाती हैं। इसलिए दोस्तों, अपना पैसा और इज्जत दोनों बचाएं और अपनी आंखें खुली रखें।
क्या ऐसे मामलों में पुलिस मदद करती है?
बहुत से लोग सोचते हैं कि अगर वे फंस गए तो पुलिस उनकी मदद करेगी। सच्चाई यह है कि जब तक पुलिस वहां पहुंचती है, तब तक स्कैमर्स अपना काम कर चुके होते हैं। बाउंसर डरा-धमका कर पेमेंट करवा लेते हैं। बाद में इसे एक आपसी विवाद बता दिया जाता है जिसमें पुलिस भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाती।
कई बार लड़के समाज और परिवार के डर से पुलिस में शिकायत ही नहीं करते। उन्हें लगता है कि डेटिंग ऐप के चक्कर में बदनामी होगी। इसी बदनामी के डर का फायदा ये अपराधी उठाते हैं। इसलिए, मुसीबत में पड़ने से पहले ही सावधानी बरतना सबसे बड़ा बचाव है। अपने विवेक का इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
प्यार की तलाश करना गलत नहीं है, लेकिन आंख बंद करके किसी अनजान पर भरोसा करना बेवकूफी है। डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते समय अपना दिमाग खुला रखें। सुंदर तस्वीरों और मीठी बातों के झांसे में आकर अपना खून-पसीने की कमाई न लुटाएं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें ताकि वे भी इस फ्रॉड से बच सकें। आपके क्या विचार हैं, हमें कमेंट करके जरूर बताएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या सभी डेटिंग ऐप्स पर ऐसे फ्रॉड होते हैं?
Ans 1. जी हां, यह स्कैम टिंडर, बंबल, हिंज जैसे लगभग सभी पॉपुलर डेटिंग ऐप्स पर देखा गया है। स्कैमर्स हर जगह मौजूद हैं, इसलिए आपको हर ऐप पर सतर्क रहने की जरूरत है।
Q2. अगर मेरे साथ ऐसा फ्रॉड हो जाए तो मुझे क्या करना चाहिए?
Ans 2. सबसे पहले आपको बिना डरे पुलिस को 112 नंबर पर कॉल करना चाहिए। किसी भी बाउंसर से डरें नहीं और उन्हें पैसे न दें। आप नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Q3. लड़की के बुलाए गए कैफे में जाने में क्या बुराई है?
Ans 3. बुराई यह है कि वे कैफे आम ग्राहकों के लिए नहीं होते। वहां खाने-पीने की चीजों के रेट बाजार से 10 गुना ज्यादा होते हैं। वहां का मेनू कार्ड ही आपको लूटने के लिए डिजाइन किया जाता है।
Q4. क्या सिर्फ लड़के ही इस स्कैम का शिकार होते हैं?
Ans 4. मुख्य रूप से लड़कों को ही इस कैफे स्कैम में फंसाया जाता है क्योंकि आमतौर पर डेट पर बिल चुकाने की जिम्मेदारी लड़के ही उठाते हैं। स्कैमर्स इसी मानसिकता का फायदा उठाते हैं।
Q5. फेक प्रोफाइल को कैसे रिपोर्ट करें?
Ans 5. अगर आपको कोई भी प्रोफाइल संदिग्ध लगे या कोई लड़की खास जगह मिलने का दबाव बनाए, तो तुरंत उसके प्रोफाइल पर जाएं। वहां दिए गए 'Report and Block' विकल्प पर क्लिक करके कारण बताएं और उसे तुरंत ब्लॉक कर दें।